धनखड़ जैसी राह पर आनंद बोस? अचानक इस्तीफे के पीछे क्या है दिल्ली का ‘मास्टर प्लान’?

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से सी वी आनंद बोस का अचानक इस्तीफा देना राज्य की राजनीति में एक नया रहस्य पैदा कर चुका है। गुरुवार को उनके कोलकाता से दिल्ली रवाना होने के कुछ ही देर बाद उनके इस्तीफे की खबर ने सबको चौंका दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और केंद्र सरकार ने आर एन रवि को बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त कर दिया है। लेकिन चर्चा इस बात की है कि क्या आनंद बोस का यह कदम पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ की तरह किसी बड़े पद की ओर संकेत है?
सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा देने के बाद भी आनंद बोस फिलहाल अपने गृह राज्य केरल नहीं जा रहे हैं। वह दिल्ली में ही रुके हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का समय मांग रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या उन्हें केंद्र में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी या किसी संवैधानिक पद के लिए तैयार किया जा रहा है। धनखड़ ने भी राजभवन छोड़ने के बाद उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली थी, और अब आनंद बोस की सक्रियता उसी दिशा में इशारा कर रही है।
फिलहाल, आनंद बोस ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है। उनके सहायकों का कहना है कि वे अभी सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं देंगे। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजभवन में हुए इस बड़े बदलाव ने राजनीतिक समीकरणों को गरमा दिया है। क्या दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से उनकी मुलाकात किसी नई घोषणा की प्रस्तावना है? इस सवाल का जवाब आने वाले कुछ दिनों में मिल सकता है।