‘जिन्हें मरा हुआ बताया, वे जिंदा यहाँ बैठे हैं!’ चुनाव आयोग पर भड़कीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसआईआर (SIR) मुद्दे और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के विरोध में शुक्रवार को उन्होंने कोलकाता के धर्मतला में महा-धरना शुरू किया। मंच पर कदम रखते ही ममता ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत जीवित मतदाताओं को ‘मृत’ घोषित कर वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मंच से दहाड़ते हुए कहा, “शर्म की बात है कि चुनाव आयोग ने जिन्हें मृत बताकर सूची से बाहर किया, उनमें से २२ लोग आज मेरे साथ इसी मंच पर जीवित बैठे हैं। वे खुद इस बात का सबूत हैं कि आयोग और बीजेपी मिलकर बंगाल के लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि राज्य के लगभग ६० लाख मतदाताओं के नाम अधर में हैं। धरने में रामकृष्ण मिशन के एक महाराज ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने शिकायत की कि १४ साल से एक ही स्थान पर रहने के बावजूद उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है।

ममता ने बीजेपी को ‘बेहाया’ (बेशरम) पार्टी करार देते हुए कहा कि यह आंदोलन उन परिवारों के लिए है जिन्हें दिल्ली में अपमानित होना पड़ा। दूसरी ओर, बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी घुसपैठियों को बचाने के लिए यह ड्रामा कर रही हैं। रविवार को चुनाव आयोग की फुल बेंच के बंगाल दौरे से ठीक पहले ममता का यह शक्ति प्रदर्शन राज्य की राजनीति में नया मोड़ ले आया है।

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