82 साल की उम्र में वापसी! रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी ‘बलाई’ के साथ सेट पर लौटेंगे दिग्गज प्रभात रॉय

टॉलीवुड के दिग्गज और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक प्रभात रॉय एक बार फिर कैमरे के पीछे लौटने के लिए तैयार हैं। 8 मार्च को अपने जन्मदिन से ठीक पहले उन्होंने घोषणा की कि वे रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कहानी ‘बलाई’ पर आधारित एक लघु फिल्म का निर्देशन करेंगे। 82 वर्ष की आयु और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद, प्रभात रॉय का जोश देखने लायक है। साल 2011 में ‘भोरर आलो’ के बाद और 2015 में एक डिजिटल फिल्म के बाद यह उनकी पहली महत्वपूर्ण वापसी है। इस फिल्म में कौशिक सेन, बासबदत्ता चटर्जी और फाल्गुनी चटर्जी जैसे मंझे हुए कलाकार नजर आएंगे।

बेटी की प्रेरणा ने बदला जीवन: प्रभात रॉय ने अपनी वापसी का पूरा श्रेय अपनी बेटी एकता भट्टाचार्य को दिया है। निर्देशक ने भावुक होकर बताया, “एक समय मुझे लगा था कि मेरा जीवन अब समाप्ति की ओर है, लेकिन एकता एक वरदान की तरह आई। कॉफी पीते हुए उसने मुझे ‘बलाई’ की कहानी सुनाई और मैंने तुरंत इसे फिल्माने का फैसला किया।” इस फिल्म की पटकथा और संवाद भी एकता ने ही लिखे हैं। प्रभात रॉय इसे अपने जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा मानते हैं। संगीत का जिम्मा कबीर सुमन को सौंपा गया है, जो इस फिल्म में चार चांद लगाएंगे।

क्यों खास है ‘बलाई’? रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी ‘बलाई’ एक संवेदनशील बच्चे और उसके आंगन में उगे एक शिमुल के पेड़ के बीच के गहरे रिश्ते की दास्तां है। प्रभात रॉय का मानना है कि यह कहानी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी पहले थी। उन्होंने कहा, “मैं अपनी उम्र को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी फिल्म बनाना चाहता था जो मानवीय भावनाओं को गहराई से छुए।” फिल्म का निर्माण ‘एमआरजे फिल्म्स’ द्वारा किया जा रहा है और फिलहाल इसके प्री-प्रोडक्शन का काम जोरों पर है। प्रभात रॉय के प्रशंसक उन्हें दोबारा काम करते देखने के लिए काफी उत्साहित हैं।


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