पर्यावरण अनुकूल विकास में देश का मॉडल बना बंगाल! अमित मित्रा ने पेश किया प्रगति का रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री की मुख्य सलाहकार (वित्त) अमित मित्रा ने गुरुवार को बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (BCC&I) के सम्मेलन में पश्चिम बंगाल के ‘हरित विकास’ (Green Development) का विस्तृत विवरण साझा किया। उन्होंने दावा किया कि जलवायु संकट के इस दौर में पश्चिम बंगाल पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के बीच संतुलन बनाने में देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरा है। राज्य सरकार की नीतियां न केवल प्रकृति की रक्षा कर रही हैं, बल्कि आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित कर रही हैं।

हरित परिवहन और सौर ऊर्जा में उपलब्धियां: अमित मित्रा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में वर्तमान में २,६२,६२० पंजीकृत ‘ग्रीन व्हीकल’ (ई-वाहन) चल रहे हैं, जिनमें ७५,००० टू-व्हीलर और १.६३ लाख ई-रिक्शा शामिल हैं। राज्य में ८०५ चार्जिंग स्टेशन पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में, जर्मन एजेंसी KFW के सहयोग से ३,७६३ मेगावाट की सौर परियोजनाओं का काम पूरा होने वाला है, और ३,५०० स्कूलों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है।

सुंदरबन का नया इकोसिस्टम और रोजगार: अमित मित्रा ने सुंदरबन में किए गए अभिनव प्रयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन के लिए ८०० किलोमीटर लंबी खाड़ी (Creek) खोदी गई है। इससे मीठे पानी का एक नया इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जो झींगा पालन के लिए वरदान साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इससे स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर खुले हैं और बंगाल अब ५०० मिलियन अमेरिकी डॉलर का झींगा निर्यात कर रहा है। इसके अतिरिक्त, ‘माटीर सृष्टि’ परियोजना के तहत ४२,००० एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर आदिवासी समुदायों को आर्थिक लाभ पहुँचाया जा रहा है।

MSME और भविष्य की राह: अमित मित्रा ने जोर दिया कि राज्य के ९० लाख सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSME) को इस हरित प्रक्रिया से जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स से जर्मनी और जापान की तर्ज पर ‘वैल्यू चेन सस्टेनेबिलिटी मूवमेंट’ का नेतृत्व करने का आह्वान किया, ताकि बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे उद्योग भी पर्यावरण के अनुकूल बन सकें।

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