भारतीय आईटी सेक्टर में विदेशी निवेश का सूखा! AI के डर से निवेशकों ने एक महीने में निकाले अरबों डॉलर
March 6, 2026

भारतीय आईटी (IT) क्षेत्र के लिए फरवरी का महीना पिछले सात महीनों में सबसे खराब रहा। विदेशी निवेशकों (FPIs) ने इस सेक्टर से रिकॉर्ड १.৬৯ लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। निफ्टी आईटी इंडेक्स में शामिल टॉप १० कंपनियों की मार्केट वैल्यू लगभग ৬২.৮ बिलियन डॉलर तक कम हो गई है। यह स्थिति २००৮ के वैश्विक आर्थिक संकट की याद दिला रही है।
गिरावट की मुख्य वजहें:
- एआई (AI) का खतरा: एंथ्रोपिक और पलान्टिर जैसी कंपनियों की नई एआई ऑटोमेशन तकनीक ने निवेशकों को डरा दिया है। अब कोडिंग और सॉफ्टवेयर विकास जैसे काम कम इंजीनियरों और एआई की मदद से कम समय में हो सकते हैं।
- बदलता बिजनेस मॉडल: भारतीय कंपनियां अब तक ‘लेबर आर्बिट्राज’ (सस्ती और कुशल जनशक्ति) पर टिकी थीं, लेकिन एआई के आने से तकनीक अब इंसानों से सस्ती पड़ती दिख रही है।
- अमेरिकी ब्याज दरें: अमेरिका में नौकरियों के मजबूत आंकड़ों के कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई है, जिसका सीधा दबाव आईटी स्टॉक्स पर पड़ा है।