‘चीन वाली गलती दोबारा नहीं होगी’, भारत को अमेरिका की दो टूक चेतावनी!

भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते से पहले वाशिंगटन ने अपने सख्त तेवर साफ कर दिए हैं। अमेरिकी उप-विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने गुरुवार को कोलकाता में आयोजित ‘राईसीना डायलॉग’ के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत के साथ अपनी साझेदारी को गहरा करना चाहता है, लेकिन वह २० साल पहले चीन के साथ की गई गलतियों को दोहराने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

लैंडौ ने व्यापार समझौते पर चर्चा करते हुए कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत को यह समझना होगा कि हमने चीन के साथ जो गलती की थी, वह भारत के साथ नहीं होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी समझौता अमेरिकी जनता के लिए फायदेमंद और निष्पक्ष हो।” उनके इस बयान को ट्रंप प्रशासन की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के संपन्न होने की बात कही थी। उसी संदर्भ में लैंडौ ने कहा कि भारत एक उभरती हुई महाशक्ति है और इस सदी का भविष्य निर्धारित करने की क्षमता रखता है। उन्होंने भारत की विशाल जनसंख्या और आर्थिक संसाधनों की सराहना की, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि व्यापार के मामले में अमेरिका कोई समझौता नहीं करेगा।

अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ‘अमेरिका फर्स्ट’ का अर्थ अलगाववाद नहीं है, बल्कि अन्य देशों के साथ मिलकर अपने हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा, “जैसे राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका को फिर से महान बनाना चाहते हैं, वैसे ही भारतीय नेतृत्व भी अपने देश के लिए सोचेगा। लेकिन हमें अपनी जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा।” व्यापार समझौते की स्थिति पर उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि दोनों पक्ष फाइनल डील के बेहद करीब हैं और यह प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *