रसोई गैस पर संकट! भारत में केवल ४-५ दिन का स्टॉक बचा, २१ दिन से पहले बुकिंग पर लगी रोक

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। ईरान की धमकियों के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिससे भारत में गैस का आयात प्रभावित हुआ है। वितरकों का कहना है कि उनके पास केवल 4-5 दिनों का स्टॉक बचा है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियम सख्त कर दिए हैं—अब ग्राहक 21 दिनों से पहले नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप ने कहा है कि वह गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित नहीं हैं। उनके अनुसार, “कीमतें बढ़ती हैं तो बढ़ने दें, युद्ध समाप्त होने पर ये फिर कम हो जाएंगी।” ट्रंप का यह रुख भारत जैसे बड़े आयातकों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें पहले ही 7,700 रुपये प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध जारी रहा, तो यह कीमतें 9,000 रुपये के पार जा सकती हैं, जिससे भारत में महंगाई का बड़ा विस्फोट हो सकता है। उज्ज्वला योजना के तहत भी बायोमेट्रिक केवाईसी के बिना बुकिंग बंद कर दी गई है।