बंगाल में वोटर लिस्ट पर बवाल! 60 लाख नाम अभी भी ‘होल्ड’ पर, आज रात कोलकाता पहुंचेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान अपने चरम पर है। करीब 63.66 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए जाने और अन्य 60 लाख नामों के ‘विचाराधीन’ (Under Consideration) होने के कारण राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की फुल बेंच आज रात कोलकाता पहुंच रही है।

ममता का मोर्चा और ‘SIR’ विवाद: वोटर लिस्ट में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के धर्मतला में धरना शुरू कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि यह वास्तविक मतदाताओं को लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करने की साजिश है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि ‘SIR’ (स्टैंडर्ड इंस्पेक्शन रिपोर्ट) पद्धति का उपयोग केवल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि सूची में केवल पात्र और वैध मतदाता ही शामिल हों।

दो दिनों का मैराथन दौरा: आयोग की टीम सोमवार सुबह राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी। इसके बाद जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और चुनाव अधिकारियों के साथ सुरक्षा और तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। मंगलवार को मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया अब न्यायिक निगरानी में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 500 से अधिक न्यायिक अधिकारी उन 60 लाख नामों की जांच कर रहे हैं जो अभी ‘होल्ड’ पर हैं। माना जा रहा है कि 200 और अधिकारियों को इस काम में लगाया जा सकता है। चुनाव आयोग का यह दौरा बंगाल की चुनावी दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

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