अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: BFSI सेक्टर में महिलाओं के लिए 2.8 लाख करोड़ का अवसर, लेकिन क्या वे तैयार हैं?

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर IANS की एक रिपोर्ट ने भारतीय कामकाजी महिलाओं की वित्तीय स्थिति को लेकर आईना दिखाया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश की लगभग 7.5 करोड़ कामकाजी महिलाओं के पास BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र में 2.8 लाख करोड़ रुपये के अवसर हैं। हालाँकि, इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के बावजूद, वित्तीय निवेश में महिलाओं की भागीदारी अभी भी कम है।

क्या कहते हैं आंकड़े? साल 2025 तक भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक 67% तक पहुंच गया है, और देश के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में 47% महिलाएं हैं। बावजूद इसके:

  • पर्सनल लोन: महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 17% है।
  • क्रेडिट कार्ड: ऋण में महिलाओं की हिस्सेदारी मात्र 13% है।
  • म्यूचुअल फंड: संपत्ति का केवल 23% हिस्सा महिलाओं के पास है।

चुनौतियां और सच्चाई सर्वेक्षण में पाया गया कि 97% महिलाएं आधुनिक वित्तीय साधनों से अनजान हैं। 93% महिलाएं बचत तो करती हैं, लेकिन निवेश (Investment) को लेकर जागरूकता की कमी है। चौंकाने वाली बात यह है कि 84% महिलाएं आज भी अपने वित्तीय निर्णय लेने के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहती हैं। केवल 10% से कम महिलाएं उच्च रिटर्न वाले जोखिम भरे निवेश पसंद करती हैं।

सकारात्मक पक्ष हालांकि, महिलाएं वित्तीय अनुशासन के मामले में पुरुषों से बेहतर हैं। 66% महिलाओं का क्रेडिट स्कोर बेहतरीन है (पुरुषों में यह 60% है)। साथ ही, वित्तीय अपराधों और ऋण चूक में भी महिलाएं पुरुषों से बहुत पीछे (बेहतर स्थिति में) हैं।

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