ऑल इंग्लैंड के फाइनल में ‘सेंसेशनल सेन’! दर्द और कार्ड को पछाड़कर इतिहास के करीब लक्ष्य

पैर में छाले, मांसपेशियों में खिंचाव और अंपायर द्वारा दिखाया गया पीला कार्ड—लक्ष्य सेन के इरादों को इनमें से कोई भी नहीं डिगा पाया। इस युवा भारतीय बैडमिंटन स्टार ने अद्भुत मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए कनाडा के विक्टर लाई को 21-16, 18-21, 21-15 से हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में प्रवेश किया।

दर्द पर जीत की कहानी सेमीफाइनल का मुकाबला लगभग डेढ़ घंटे तक चला। तीसरे सेट में जब लक्ष्य को क्रैम्प (मांसपेशियों में ऐंठन) महसूस हुआ, तो लग रहा था कि उनका सफर यहीं रुक जाएगा। लेकिन लक्ष्य ने हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द के बावजूद हर पॉइंट के लिए संघर्ष किया और सटीक स्मैश के साथ विरोधी को पस्त कर दिया। लक्ष्य ने कहा, “तीसरे सेट में दर्द हो रहा था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और हर पॉइंट के लिए लड़ता रहा।”

फाइनल की चुनौती रविवार को होने वाले फाइनल में लक्ष्य का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन यी से होगा। हालांकि, लक्ष्य का पिछला रिकॉर्ड उनके खिलाफ रहा है, लेकिन सेमीफाइनल में उनकी ‘नेवर-गिव-अप’ एटीट्यूड ने दिखा दिया है कि वे इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रविवार का दिन भारतीय खेल जगत के लिए ऐतिहासिक होने वाला है, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ लक्ष्य की यह जीत भी इतिहास पन्नों में दर्ज हो सकती है।

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