“बाबासाहेब का संविधान बदलना चाहती है बीजेपी!” ममता बनर्जी ने ‘एक देश, एक नेता’ के नारे पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को भाजपा पर लोकतंत्र को नष्ट करने और देश में ‘एक पार्टी, एक नेता’ का शासन थोपने का गंभीर आरोप लगाया है। धर्मतला के धरना मंच से ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को अपने पार्टी घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) से बदलना चाहती है, जिसे वे कभी सफल नहीं होने देंगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में ममता ने लिखा, “बीजेपी ‘एक देश, एक नेता’ के नशे में चूर है और इसके लिए वे केंद्रीय एजेंसियों, राष्ट्रीय आयोगों और संवैधानिक पदों का दुरुपयोग कर रहे हैं।” उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए उसे ‘वैनिश कमीशन’ करार दिया और आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के ‘ज़मींदार’ बंगाल को डराने और अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बंगाल की जनता इसका कड़ा जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मतला में उनका धरना बंगाल के खिलाफ रची जा रही साजिशों के विरोध में है। ममता के अनुसार, भाजपा की प्राथमिकता केवल सत्ता है, जबकि उनकी प्राथमिकता जनता है।