ईरान युद्ध का बड़ा असर! कुवैत ने तेल निर्यात पर लगाया ‘फोर्स मेजर’, दुनिया भर में बढ़ेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का सीधा असर अब वैश्विक ईंधन बाजार पर दिखना शुरू हो गया है। खाड़ी देश कुवैत ने तेल निर्यात के क्षेत्र में ‘फोर्स मेजर’ (Force Majeure) घोषित कर दिया है और एहतियाती कदम उठाते हुए कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती करने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण चल रहा ईरान युद्ध और फारस की खाड़ी में बढ़ता सुरक्षा जोखिम है।

कुवैत की सरकारी तेल कंपनी ने बताया कि सुरक्षा खतरों और समुद्री परिवहन में आ रही बाधाओं के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। विशेष रूप से ‘हर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz), जहां से दुनिया का लगभग २० प्रतिशत तेल और एलएनजी गुजरता है, युद्ध के कारण बाधित हो गया है। कुवैत, जो फरवरी में प्रतिदिन २६ लाख बैरल तेल का उत्पादन कर रहा था, ने अब इसमें कमी कर दी है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े उत्पादक देशों को भी इसी राह पर चलना पड़ सकता है। इससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति कम हो जाएगी और कीमतें तेजी से बढ़ेंगी, जिससे परिवहन, बिजली और उद्योग जगत में लागत बढ़ेगी। अंततः यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को महंगाई की एक नई लहर की ओर धकेल सकता है।

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