“Don’t Shout!” चुनाव आयुक्त की डांट पर भड़कीं चंद्रिमा भट्टाचार्य, कहा- “महिलाओं के लिए सम्मान नहीं”

पश्चिम बंगाल में २०२६ के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंची चुनाव आयोग की फुल बेंच के साथ सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की बैठक काफी कड़वाहट भरी रही। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के साथ चर्चा के बाद बाहर निकलीं राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आयोग पर गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। मंत्री का दावा है कि जब उन्होंने मतदाता सूची में विसंगतियों का मुद्दा उठाया, तो उन्हें “चिल्लाओ मत” (Don’t Shout) कहकर चुप कराया गया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “मैं एक महिला हूं और मुझे सरेआम कहा जा रहा है कि ‘चिल्लाओ मत’। इससे साफ पता चलता है कि उनके मन में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची सुधार के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम जानबूझकर काटे गए हैं और इसका कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है।
टीएमसी ने इस बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम सूची से गायब है, तो इसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। चंद्रिमा ने सवाल किया, “अगर मेरा नाम लिस्ट में नहीं है, तो उसे साबित करने की जिम्मेदारी आपकी है। आम जनता को बार-बार कतारों में क्यों खड़ा होना चाहिए?”
इससे पहले बीजेपी और सीपीएम ने भी आयोग से मुलाकात की थी, लेकिन टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुआ यह विवाद अब सियासी चर्चा का केंद्र बन गया है। ममता बनर्जी की करीबी मंत्री का यह आरोप कि चुनाव आयोग का व्यवहार ‘अशोभनीय’ था, आने वाले चुनावों के मद्देनजर एक नई जंग का संकेत दे रहा है।