वोटिंग के समय वेबकैम खराब तो दोबारा होगा चुनाव! चुनाव आयोग की बैठक में बीजेपी का बड़ा दांव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ को लेकर राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चुनाव आयोग की फुल बेंच के साथ सोमवार को हुई बैठक में बीजेपी ने अपनी पुरानी रणनीति को पूरी तरह बदलते हुए अब राज्य में सिर्फ १ या २ चरणों में चुनाव कराने की मांग की है। गौरतलब है कि २०२१ के चुनाव में बीजेपी ने ही ८-९ चरणों में मतदान की वकालत की थी, लेकिन अब पार्टी के इस १८० डिग्री यू-टर्न ने सबको चौंका दिया है।

बीजेपी की १८ सूत्रीय मांगें और कड़ी शर्तें: तापस रॉय और शिशिर बजोरिया के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को १८ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। बीजेपी का कहना है कि ६ सप्ताह तक खिंचने वाले लंबे चुनाव के बजाय कम समय में प्रक्रिया पूरी की जाए। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • पुलिस पर पाबंदी: चुनाव प्रक्रिया और मतगणना से राज्य पुलिस को पूरी तरह बाहर रखा जाए। सुरक्षा का पूरा जिम्मा केवल केंद्रीय बलों (CAPF) के पास हो।
  • सेंसिटिव बूथ: जिन बूथों पर ८५% से अधिक मतदान होता है, उन्हें संवेदनशील घोषित किया जाए।
  • वोटिंग सस्पेंशन: यदि किसी बूथ का वेबकैम खराब होता है, तो वहां मतदान तुरंत रोककर पुनर्मतदान कराया जाए।
  • कर्मचारियों का मिश्रण: चुनाव ड्यूटी में राज्य और केंद्र के कर्मचारियों का अनुपात ५०:५० होना चाहिए। साथ ही, संविदा कर्मियों (Contractual staff) को चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाए।

वामपंथी दलों ने भी अधिकतम २ चरणों में चुनाव कराने का समर्थन किया है। विपक्ष की इन मांगों ने चुनाव आयोग के सामने एक नई चुनौती पेश कर दी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *