दुनिया के हथियार बाजार में बड़ा उलटफेर! भारत को पछाड़ कौन बना नंबर-1? देखें पूरी लिस्ट

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हथियारों की खरीद-फरोख्त को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक (Importer) देश बना हुआ है। हालांकि, इस रैंकिंग के पीछे एक ऐसी कहानी छिपी है जो भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता की ओर इशारा करती है।
कौन है नंबर वन? ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बन गया है, जिसकी वैश्विक हिस्सेदारी 9.7% है। वहीं, भारत 8.2% की हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। विशेषज्ञ बताते हैं कि रूस के साथ जारी युद्ध के कारण यूक्रेन की सैन्य जरूरतें बेतहाशा बढ़ी हैं, जिसके कारण वह सूची में शीर्ष पर पहुंच गया है।
घट रहा है आयात, बढ़ रही है स्वदेशी ताकत भारत के लिए सबसे राहत की बात यह है कि विदेशी हथियारों पर उसकी निर्भरता में लगातार गिरावट आ रही है। साल 2019-2023 के बीच भारत की वैश्विक आयात हिस्सेदारी लगभग 9.8% थी, जो अब घटकर 8.3% रह गई है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत अब सेना को स्वदेशी तकनीक से लैस किया जा रहा है। तेजस लड़ाकू विमान, ध्रुव हेलीकॉप्टर और विभिन्न मिसाइल प्रणालियों का घरेलू उत्पादन बढ़ने से विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम हुई है।
रूस बनाम फ्रांस: समीकरण में बदलाव दशकों से रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता रहा है और आज भी करीब 40% सैन्य साजो-सामान रूस से ही आता है। लेकिन इस सूची में फ्रांस ने लंबी छलांग लगाई है। राफेल लड़ाकू विमानों और अन्य रक्षा सौदों के चलते भारत के कुल हथियार आयात में फ्रांस की हिस्सेदारी बढ़कर 29% हो गई है। भारत अब अपनी जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका, इजरायल और फ्रांस जैसे देशों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
भारत का लक्ष्य केवल अपनी सेना को आधुनिक बनाना ही नहीं है, बल्कि दुनिया को यह दिखाना भी है कि वह अब हथियारों का खरीदार ही नहीं, बल्कि एक सक्षम निर्माता भी बन रहा है।