सुप्रीम लीडर बनते ही ‘लापता’ हुए मुजतबा खमेनेई! इजरायल की धमकी ने ईरान में मचाया कोहराम

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खमेनेई को नया ‘सुप्रीम लीडर’ घोषित कर दिया गया है। लेकिन इस घोषणा के बाद से ही ईरान और पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। कारण यह है कि मुजतबा खमेनेई शपथ लेने के बाद से ही सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। अब सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह चर्चा तेज है कि मुजतबा इजरायली हमले में घायल हो गए हैं या फिर जान बचाने के लिए कहीं छिप गए हैं।
क्या इजरायल ने अपना वादा निभाया? अली खमेनेई की मौत के ठीक बाद इजरायल और अमेरिका ने सख्त चेतावनी दी थी कि उनकी मर्जी के बिना कोई नया नेता नहीं चुना जाएगा। इजरायल ने खुलेआम कहा था कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हो, उसे खत्म कर दिया जाएगा। अब मुजतबा के अचानक गायब होने को इसी धमकी से जोड़कर देखा जा रहा है। ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें ‘वीर योद्धा’ कहकर पुकारा है, जिससे उनके घायल होने की खबरों को और बल मिला है।
खूनी ‘रमजान युद्ध’ का कहर २८ फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध को ईरान ने ‘रमजान युद्ध’ का नाम दिया है, लेकिन ९ दिनों के भीतर ही इसकी भारी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ रही है। अब तक १,२५५ लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें १६८ स्कूली बच्चे शामिल हैं। मिनाब शहर के एक स्कूल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। अस्पतालों में १२,००० से ज्यादा घायल भर्ती हैं और हजारों लोग अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हैं।
ग्लोबल सप्लाई चेन और चीन का साथ इस युद्ध का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। बहरीन की तेल कंपनी ‘बापको’ ने ईरानी ड्रोन हमले के बाद हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है। इस तनाव के बीच चीन खुलकर ईरान के समर्थन में आया है, जबकि अमेरिका में लोग इस हमले के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। मुजतबा खमेनेई की सलामती को लेकर बना सस्पेंस ईरान के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।