सैलरी को मार दिया ठोकर! लोकसभा के इन २ सांसदों की दरियादिली देख दंग रह गया देश

भारतीय राजनीति में अक्सर सांसदों के वेतन और भत्तों को लेकर चर्चा होती रहती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वर्तमान लोकसभा में दो ऐसे सांसद भी हैं जो महीने की अपनी पूरी सैलरी छोड़ देते हैं? जी हां, विचारधारा की लड़ाई एक तरफ, लेकिन देश सेवा के लिए इन दोनों सांसदों ने मिसाल पेश की है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल और मणिपुर के इंफाल से कांग्रेस सांसद डॉ. बिमल अकोजाम अंगोमचा वे दो चेहरे हैं जो संसद से वेतन नहीं लेते।

करोड़ों की दौलत, पर सादगी भरा फैसला नवीन जिंदल देश के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति १,२४१ करोड़ रुपये है। जिंदल का मानना है कि उन्हें मिलने वाला वेतन जनकल्याण के कार्यों में लगे, इसलिए उन्होंने इसे न लेने का फैसला किया है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद डॉ. बिमल अकोजाम की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है। उनकी संपत्ति करीब ९७ लाख रुपये है, जो जिंदल की तुलना में बहुत कम है, फिर भी उन्होंने नैतिकता के आधार पर सरकारी वेतन का त्याग किया है।

लोकसभा सचिवालय के अनुसार, इन दोनों सांसदों का यह फैसला व्यक्तिगत है और इसका उनकी पार्टी की नीतियों से कोई लेना-देना नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान लोकसभा में सबसे अमीर सांसद आंध्र प्रदेश के गुंटूर से टीडीपी के डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी हैं, जिनकी संपत्ति ५,७०५ करोड़ रुपये है। दूसरे नंबर पर तेलंगाना के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (४,५६८ करोड़ रुपये) हैं। ये दिग्गज सांसद अपनी सैलरी लेते हैं, जो इनके अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन जिंदल और अकोजाम का वेतन न लेना उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।

वर्तमान में लोकसभा में ५४१ सांसद हैं (दो सीटें खाली हैं), जिनमें से ४८१ सांसद नियमित रूप से अपना वेतन ले रहे हैं। शेष कुछ सांसद भत्तों का लाभ उठाते हैं, लेकिन नवीन जिंदल और डॉ. बिमल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बिना किसी सरकारी आर्थिक लाभ के जनता की सेवा करना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर इन दोनों सांसदों की इस पहल की जमकर तारीफ हो रही है।

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