“दाल में कुछ काला है!” बंगाल के राज्यपाल के तबादले पर ममता का बड़ा हमला, बताया गहरी साजिश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। सोमवार को कोलकाता के मेट्रो चैनल पर आयोजित एक धरने के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के अचानक हुए तबादले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। ममता ने इसे एक ‘गहरा राजनीतिक षड्यंत्र’ करार देते हुए कहा कि वह इस फैसले के पीछे की असली वजह का पता लगाकर ही दम लेंगी।
“राजभवन से होगा पैसों का खेल” ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “राज्यपाल को अचानक हटाने के पीछे बहुत बड़ी कहानी है। दाल में कुछ काला है! अब राजभवन को बीजेपी भवन बनाने की कोशिश हो रही है ताकि वहां से चुनाव के लिए अवैध पैसों का लेनदेन किया जा सके।” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के सांसद और मंत्री जिलों में खाली मकान किराए पर लेकर डेरा डाले हुए हैं और घर-घर जाकर पैसे बांट रहे हैं।
अधिकारियों को धमकी और एजेंसियों का डर मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल के अधिकारियों को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे किसी भी धमकी से न डरें। एजेंसियों के दुरुपयोग पर ममता ने कहा, “ईडी और सीबीआई का कितना भी डर दिखा लो, बंगाल की जनता बिकने वाली नहीं है। बीजेपी देश भर में ताकत दिखा ले, पर बंगाल के लिए वह ‘राजनीतिक हैगला’ (लालची) ही रहेगी।”
ममता ने जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रलोभन में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि २०२६ के चुनाव में बंगाल की जनता बीजेपी को ‘बाय-बाय’ कह देगी और फिर से तृणमूल कांग्रेस पर ही भरोसा जताएगी।