सिर्फ १ साल की देरी और ७० लाख का नुकसान! करोड़पति बनने की राह में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती?

“अगले महीने से पक्का निवेश शुरू करूँगा”—यह एक ऐसा वाक्य है जो आपकी भविष्य की संपत्ति को सबसे ज्यादा चोट पहुँचाता है। इसे वित्तीय भाषा में ‘डिली कोस्ट’ (Delay Cost) कहा जाता है। हम अक्सर सुध दरों (Interest Rates) के पीछे भागते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश में ‘ब्याज’ से भी बड़ा खिलाड़ी ‘समय’ है।
समय की शक्ति: कम्पाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज की खासियत यह है कि यह शुरुआत में धीमा दिखता है, लेकिन अंत में इसकी रफ्तार किसी रॉकेट जैसी होती है। मान लीजिए आपकी उम्र २५ साल है और आप हर महीने १०,००० रुपये का निवेश (SIP) शुरू करते हैं। १२% के औसत रिटर्न पर ६० साल की उम्र में आपके पास ६.५ करोड़ रुपये होंगे।
लेकिन अगर आप यही निवेश सिर्फ १ साल की देरी से, यानी २६ साल की उम्र में शुरू करते हैं, तो ६० साल की उम्र में आपके पास केवल ५.८ करोड़ रुपये होंगे। सिर्फ १२ महीने के इंतजार की कीमत ७० लाख रुपये का घाटा है! यदि यह देरी ५ साल की हो जाए, तो आप लगभग ३ करोड़ रुपये का धन खो देंगे।
क्या करें? बड़ी रकम के इंतजार में समय न गंवाएं। आज ही कम से कम १००० रुपये से शुरुआत करें। निवेश की रकम भविष्य में बढ़ाई जा सकती है, लेकिन बीता हुआ समय वापस नहीं लाया जा सकता। निवेश के लिए ‘अगला महीना’ कभी नहीं आता, जो है वह ‘आज’ ही है।