LPG सिलेंडर पर बड़ी आफत! केंद्र के नए नियम ने उड़ाई नींद, अब कैसे बनेगा खाना?

देश में रसोई गैस (LPG) को लेकर मचे हाहाकार ने अब आम जनता के बजट और जीवनशैली को पूरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है, जिसके कारण कमर्शियल गैस की सप्लाई में भारी गिरावट आई है। युद्ध के वैश्विक हालातों ने गैस आपूर्ति श्रृंखला को बाधित किया है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी अब गहरे संकट में हैं। सरकार का पूरा ध्यान घरेलू गैस की किल्लत को रोकना है, लेकिन बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों की कमर तोड़ दी है।
हाल ही में रसोई गैस के दामों में ६० रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं, केंद्र ने अब गैस बुकिंग के नियमों को और कड़ा कर दिया है। नए निर्देश के अनुसार, अब ग्राहक २५ दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। गैस की कमी और बढ़ते दामों के डर से अब लोगों ने अपना रुख बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर कर लिया है। कोलकाता के चांदनी मार्केट और एजरा स्ट्रीट जैसे प्रमुख बाजारों में इलेक्ट्रिक इंडक्शन कुकर की बिक्री में ३००% तक का उछाल देखा जा रहा है।
‘खोसला इलेक्ट्रॉनिक्स’ के निदेशक मनीष खोसला का कहना है कि “शनिवार शाम से ही इंडक्शन कुकर की मांग में जबरदस्त तेजी आई है। जहां पहले रोजाना औसतन ४०-४५ यूनिट्स बिकती थीं, अब यह आंकड़ा १३० के पार पहुंच गया है।” रिटेलर्स का कहना है कि लोग न केवल इंडक्शन बल्कि इलेक्ट्रिक केतली, हॉट प्लेट और माइक्रोवेव ओवन भी जमकर खरीद रहे हैं। साल्ट लेक की निवासी सुमेधा बागला कहती हैं, “गैस की कीमतों और बुकिंग की अनिश्चितता ने हमें विकल्प खोजने पर मजबूर कर दिया है।” विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में भारतीय रसोई में गैस सिलेंडर की जगह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कुकिंग ले लेगी।