सुप्रीम कोर्ट में ममता की बड़ी जीत! 5 दिनों बाद धरना खत्म, बोलीं- ‘अब खेल कोर्ट के हाथ में है’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले पांच दिनों से चल रहे अपने धरने को मंगलवार को समाप्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर (SIR) मामले में दिए गए ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों को ममता ने ‘जनता की जीत’ करार दिया है। रेड रोड पर स्थित धरना मंच से उन्होंने घोषणा की कि न्यायपालिका पर उनका भरोसा और बढ़ गया है। ममता ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी ने लोगों को गुमराह किया था, लेकिन अब पूरी स्थिति सुप्रीम कोर्ट के नियंत्रण में है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ट्रिब्यूनल: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने पर विचार किया जा रहा है, उनकी सुनवाई के लिए एक नया ट्रिब्यूनल बनाया जाएगा। कोर्ट ने यह भी बड़ी राहत दी कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदान से ठीक एक दिन पहले भी फाइनल होता है, तो वह अगले दिन अपना वोट डाल सकेगा। अब तक लगभग 18 लाख नामों का निपटारा किया जा चुका है।
बीजेपी पर तीखा हमला: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जानबूझकर लाखों लोगों के नाम ‘विचाराधीन’ (Under Consideration) श्रेणी में डाल दिए थे। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने हर दिन ऐप बदले और लोगों को गुमराह किया। आज कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई है। अब चुनाव प्रचार के साथ-साथ नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी चलती रहेगी।”
भावुक अपील: बंगाल की मुख्यमंत्री ने उन लोगों से भावुक अपील की जो नाम कटने के डर से परेशान हैं। उन्होंने कहा, “आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं, हम आपके साथ हैं। चाहे आप किसी भी दल के हों, बंगाल सरकार आपकी मदद करेगी।” ममता ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे हर बूथ पर जाकर लोगों के फॉर्म भरवाएं। इस फैसले ने बंगाल की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस को एक नई ऊर्जा दी है।