घर में कैश रखने के शौकीन हैं तो हो जाएं सावधान! इनकम टैक्स के इन नियमों को जानना है बेहद जरूरी

दुनिया भर के निवेशक इन दिनों अनिश्चित भू-राजनीतिक स्थितियों के कारण सहमे हुए हैं। दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट भी भारी-भरकम कैश लेकर सही मौके का इंतजार कर रहे हैं। भारत में भी शेयर बाजार की गिरावट और बैंकों में घटते ब्याज के बीच लोग घर में नगदी (Cash) रखना पसंद कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में कितनी नगदी रखना कानूनी है और कब आपके घर इनकम टैक्स का छापा पड़ सकता है?

नगदी रखने की कोई तय सीमा नहीं, लेकिन… भारतीय आयकर कानूनों के अनुसार, घर में कैश रखने की कोई फिक्स्ड लिमिट तय नहीं की गई है। आप अपनी मर्जी से कितना भी कैश रख सकते हैं, बशर्ते आपके पास उस पैसे का ‘लीगल सोर्स’ (वैध स्रोत) हो। अगर जांच के दौरान आप यह साबित कर देते हैं कि पैसा आपकी मेहनत की कमाई का है और उस पर टैक्स दिया जा चुका है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है।

आयकर की धारा ६८ और ६९बी का डर: इनकम टैक्स एक्ट के तहत यदि आपके पास भारी मात्रा में कैश मिलता है और आप उसका स्रोत नहीं बता पाते, तो इसे ‘अघोषित आय’ माना जाएगा। ऐसी स्थिति में सरकार टैक्स और पेनल्टी मिलाकर कुल राशि का ७८% तक वसूल सकती है। यदि आय छिपाने की मंशा पाई गई, तो यह जुर्माना २००% तक भी जा सकता है।

इन बातों का रखें खास ख्याल:

  • दस्तावेजी सबूत: यदि आपने कोई संपत्ति बेची है या व्यापार से नगदी आई है, तो उसका बिल या एग्रीमेंट पास रखें।
  • ITR फाइलिंग: आपका कैश आपके द्वारा फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) से मेल खाना चाहिए।
  • कैशबुक: व्यापारियों के लिए जरूरी है कि उनके पास मौजूद कैश और अकाउंट बुक में दर्ज एंट्री में कोई अंतर न हो।

कुल मिलाकर, ईमानदारी से कमाया गया पैसा घर में रखना अपराध नहीं है, लेकिन पारदर्शिता न होने पर आप कानूनी मुश्किलों में फंस सकते हैं।

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