टीकाकरण के बाद बीमारी या मृत्यु पर केंद्र को देना होगा मुआवजा! सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

कोविड टीकाकरण के बाद गंभीर साइड इफेक्ट्स या मृत्यु के मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह टीकाकरण से प्रभावित लोगों के लिए एक ‘नो-फॉल्ट’ (No-Fault) मुआवजा ढांचा तैयार करे। इसका सीधा अर्थ है कि यदि वैक्सीन के कारण किसी की तबीयत बिगड़ती है या जान जाती है, तो सरकार को उनके परिवार को आर्थिक सहायता देनी होगी, भले ही किसी की गलती साबित न हुई हो।

क्या था मामला? यह आदेश २०२१ में कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद दो युवतियों (१८ और २० वर्ष) की मृत्यु के बाद दायर याचिकाओं पर आया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने स्पष्ट किया कि मुआवजा देना सरकार द्वारा अपनी गलती स्वीकार करना नहीं माना जाएगा, बल्कि यह एक सुरक्षा ढांचे के रूप में होगा।

विशेषज्ञ समिति की मांग खारिज: अदालत ने पीड़ितों की जांच के लिए अलग विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग को तो खारिज कर दिया, लेकिन यह आदेश दिया कि वर्तमान वैज्ञानिक निगरानी प्रणाली के आंकड़ों को नियमित रूप से सार्वजनिक किया जाए। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस निर्देश के बावजूद पीड़ित अन्य कानूनी रास्ते अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं। अपनी बेटियों को खोने वाले माता-पिता के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्याय की दिशा में एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *