ब्राजील फुटबॉल में शर्मनाक रिकॉर्ड! एक ही मैच में २३ रेड कार्ड, लात-घूंसों से रणक्षेत्र बना मैदान

ब्राजील के फुटबॉल इतिहास में १० मार्च २०२६ की तारीख एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। कैंपियोनाटो माइनिरो के फाइनल मुकाबले में क्रूज़ेइरो और एटलेटिको माइनिरो के बीच हुई भिड़ंत ने खेल की मर्यादा को तार-तार कर दिया। इस हाई-वोल्टेज मैच में फुटबॉल कम और मारपीट ज्यादा देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप रेफरी ने कुल २३ रेड कार्ड दिखाए। यह घटना ब्राजील के बेलो होरिज़ोंटे में घटी, जहां खेल खत्म होने से ठीक पहले खिलाड़ियों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसों की बौछार कर दी।
विवाद की जड़: मैच के आखिरी पलों में क्रूज़ेइरो १-० से आगे चल रहा था। तभी क्रूज़ेइरो के मिडफील्डर क्रिस्टियानो गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन माइनिरो के गोलकीपर एवरसन ने गेंद पकड़ ली। इसके बाद एवरसन ने अपना आपा खो दिया और क्रिस्टियानो के पेट और छाती पर घुटनों से वार किया। देखते ही देखते दोनों टीमों के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मैदान पर कूद पड़े। रिज़र्व बेंच पर बैठे खिलाड़ी भी इस मारपीट में शामिल हो गए, जिससे मैदान युद्ध का मैदान बन गया।
पुलिस की एंट्री और ऐतिहासिक सजा: हालात बेकाबू होते देख स्टेडियम में मौजूद पुलिस और सुरक्षाबलों को पिच पर उतरना पड़ा। खिलाड़ियों के बीच मचे इस तांडव को शांत करने के बाद रेफरी मैथ्यूज डेलगाडो ने अपना सख्त रूप दिखाया। उन्होंने कुल २३ खिलाड़ियों को रेड कार्ड थमा दिया, जिनमें क्रूज़ेइरो के १२ और एटलेटिको माइनिरो के ११ खिलाड़ी शामिल थे। ब्राजील के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह बेहद निराशाजनक क्षण है, क्योंकि इस घटना ने खेल की भावना को गहरी चोट पहुंचाई है।