बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ‘मिताली एक्सप्रेस’ शुरू करने की कवायद! विदेश मंत्री से मिले सांसद जयंत राय

भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए ‘मिताली एक्सप्रेस’ को दोबारा शुरू करने की पहल की जा रही है। जलपाईगुड़ी के भाजपा सांसद डॉ. जयंत कुमार राय ने इस दिशा में सक्रियता दिखाते हुए भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क किया है। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के पतन और तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के शपथ लेने के बाद, अब उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच रेल सेवा जल्द बहाल होगी।

सांसद और सुवेंदु अधिकारी का रुख: सांसद जयंत राय ने कहा कि मिताली एक्सप्रेस के चलने से न केवल दोनों देशों के संबंध प्रगाढ़ होंगे, बल्कि हल्दीबाड़ी क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास भी होगा। उन्होंने इस मुद्दे पर विदेश मंत्री से चर्चा की है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी कहा कि यूनुस सरकार के दौरान जो व्यापारिक और यात्रा संबंधी बाधाएं आई थीं, उन्हें दूर करने के लिए वे जल्द ही विदेश मंत्रालय से बात करेंगे ताकि रेल और व्यापार फिर से शुरू हो सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: बता दें कि १९६५ के युद्ध के बाद यह रेल मार्ग बंद कर दिया गया था। दशकों बाद २०२२ में पीएम नरेंद्र मोदी और शेख हसीना ने इसे फिर से शुरू किया था। हालांकि, जुलाई २०२४ में बांग्लादेश में हुए हिंसक आंदोलन और राजनीतिक अस्थिरता के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अंतिम बार यह ट्रेन १७ जुलाई २०२४ को ढाका गई थी और तब से यह न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर खड़ी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वे सरकार के आदेश का इंतजार कर रहे हैं और अनुमति मिलते ही परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

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