रथ तैयार पर जनता नदारद! दुर्गापुर में शमिक भट्टाचार्य की सभा में खाली पड़ी रहीं कुर्सियां, बीजेपी की किरकिरी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, लेकिन दुर्गापुर में बीजेपी की ‘परिवर्तन रथयात्रा’ को उस समय करारा झटका लगा जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की सभा में जनता की भारी कमी देखी गई। दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के खुदीराम मैदान में आयोजित इस सभा में सजे हुए हजारों सोफे और कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जिससे बीजेपी नेतृत्व को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
खाली कुर्सियां देख भड़के नेता: जब शमिक भट्टाचार्य जिले के शीर्ष नेताओं के साथ मंच पर पहुंचे, तो सामने का नजारा देख उनकी नाराजगी साफ झलक रही थी। पूरी सभा में बमुश्किल १०० लोग भी मौजूद नहीं थे। सभा के बाद जब पत्रकारों ने भीड़ की कमी पर सवाल पूछा, तो शमिक ने संक्षिप्त और तल्ख लहजे में कहा, “कुर्सियां लोगों के लिए रखी गई थीं, लेकिन वे आए नहीं।” इस बयान के बाद वे तुरंत वहां से निकल गए। स्थानीय विधायक लक्ष्मण घोदुई भी सवालों से बचते हुए नजर आए।
तृणमूल का तीखा हमला: बीजेपी की इस नाकामी पर चुटकी लेते हुए राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा, “बीजेपी के पास रथ तो है, लेकिन जनता नहीं। ये लोग जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में तैरते हैं और इंतजार करते हैं कि कब इनके बड़े नेता पैराशूट से उतरेंगे।” उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ है।
बीजेपी का बचाव: इस बीच, जिला बीजेपी प्रवक्ता सुमंत मंडल ने सफाई देते हुए कहा कि हालांकि सभा स्थल पर भीड़ कम थी, लेकिन रथयात्रा के दौरान सड़कों पर हजारों लोग उमड़े थे। उन्होंने दावा किया कि २०२६ के चुनाव में दुर्गापुर की जनता बीजेपी को ही भारी मतों से जिताएगी। हालांकि, खाली मैदान की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर बीजेपी की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।