पीएम मोदी पर मीम्स और कार्टून पोस्ट करने वालों की खैर नहीं! आईटी एक्ट के तहत धड़ाधड़ ब्लॉक हो रहे हैं सोशल मीडिया पोस्ट

अगर आप सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या सरकार की नीतियों पर व्यंग्य या कटाक्ष करते हैं, तो सावधान हो जाइए। केंद्र सरकार ने आईटी एक्ट की धारा ’69A’ का इस्तेमाल करते हुए हाल के दिनों में बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पोस्ट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। विशेषज्ञों और यूजर्स का दावा है कि पिछले कुछ हफ्तों में सेंसरशिप की यह कार्रवाई अचानक तेज हो गई है।

300% बढ़ गई कड़ाई मेटा (Meta) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में सरकारी आदेश पर हटाए गए कन्टेंट की संख्या 2023 की तुलना में 300 प्रतिशत बढ़ गई है। जाने-माने कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य के कार्टून हों या वकील प्रशांत भूषण और पत्रकार सुशांत सिंह के पोस्ट, सरकार की आलोचना करने वाले हर अकाउंट पर ‘डिजिटल कैंची’ चल रही है। एक्स (X) प्लेटफॉर्म यूजर्स को नोटिस भेजकर बता रहा है कि उनके पोस्ट भारत में ब्लॉक कर दिए गए हैं, लेकिन इसका ठोस कानूनी आधार नहीं बताया जा रहा है।

अदृश्य सेंसरशिप का खतरा इंटरनेट नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह ‘अदृश्य सेंसरशिप’ है। आईटी नियमों के तहत सरकार गोपनीय तरीके से आदेश जारी करती है, जिससे यूजर्स को अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं मिलता। विदेश नीति पर सवाल उठाना या पुराने बयानों को याद दिलाना भी अब भारी पड़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि एक लोकतांत्रिक समाज में व्यंग्य और राजनीतिक आलोचना अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति इन अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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