खाते में पैसे कम होते ही बैंक ने काटी मोटी रकम? ३ साल में वसूले ८,००० करोड़ रुपये, आपका बैंक क्या है?

बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) न रखने पर कटने वाले पैसों को लेकर अक्सर ग्राहकों के मन में डर रहता है। हाल ही में वित्त मंत्रालय द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस बनाए न रखने के कारण ग्राहकों से ८,०९२.८३ करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। हालांकि, यह राशि बैंकों की कुल आय का केवल ०.२३ प्रतिशत है, लेकिन आम आदमी के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय है।

किसे नहीं देना होगा जुर्माना? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि देश के करीब ७२ करोड़ बैंक खातों को इस जुर्माने से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इनमें प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) और बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट शामिल हैं। ये खाते ‘जीरो बैलेंस’ की सुविधा के साथ आते हैं, यानी इनमें पैसे न होने पर भी बैंक कोई चार्ज नहीं काट सकता।

बैंकों का नया रुख: ग्राहकों को राहत देते हुए देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मार्च २०२० से ही यह जुर्माना खत्म कर दिया है। २०२५ में ९ अन्य सरकारी बैंकों ने भी इस जुर्माने को पूरी तरह से हटा दिया है। बाकी बचे दो बैंकों ने भी अपने चार्ज काफी कम कर दिए हैं।

RBI के कड़े निर्देश: रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, खाते में बैलेंस न्यूनतम सीमा से नीचे जाने पर बैंक तुरंत पैसे नहीं काट सकता। बैंक को एसएमएस या ईमेल के जरिए ग्राहक को सूचित करना अनिवार्य है और बैलेंस बनाए रखने के लिए समय देना होगा। उस अवधि के बाद ही बैंक पारदर्शी और उचित तरीके से जुर्माना लगा सकता है।

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