ध्वनि मत से जीते ओम बिरला! राहुल गांधी के पक्षपात के आरोपों पर भारी पड़ा एनडीए का बहुमत, जानें पूरी खबर

संसद के बजट सत्र में बुधवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। इंडिया (INDIA) गठबंधन द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को वोटिंग के दौरान बहुमत नहीं मिल सका। सदन में हुए ध्वनि मत (Voice Vote) में एनडीए (NDA) गठबंधन ने अपनी ताकत दिखाई और जीत हासिल की। प्रस्ताव के गिरते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिससे सदन की कार्यवाही काफी देर तक बाधित रही।

विपक्ष के आरोप और अविश्वास प्रस्ताव: इस विवाद की शुरुआत बजट सत्र के पहले चरण में हुई थी, जब विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे तौर पर कहा था कि विपक्ष को बोलने का पर्याप्त समय नहीं दिया जाता और उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। इसी के विरोध में १२० सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक अविश्वास प्रस्ताव नोटिस दिया गया था।

सदन में बहस और वोटिंग: सोमवार को पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति पर हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। मंगलवार को औपचारिक रूप से प्रस्ताव पेश किया गया और बुधवार को दिनभर इस पर गरमागरम बहस हुई। विपक्ष ने जहां स्पीकर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया। अंततः वोटिंग की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें एनडीए ने आसानी से जीत दर्ज की।

संसद की गरमाहट: ओम बिरला के पक्ष में फैसला आने के बाद संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की हार बताया है, जबकि सरकार ने इसे विपक्ष की हताशा करार दिया है। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद अब बजट सत्र के शेष दिनों में विपक्ष के रुख पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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