ईरान को घेरने की तैयारी! भूमध्य सागर में एकजुट हुईं स्पेन-इटली और फ्रांस की नौसेनाएं

एक्शन में यूरोपीय देश मध्य पूर्व में छिड़े युद्ध ने अब यूरोप को सीधे तौर पर सैन्य हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर दिया है। ईरान के बढ़ते खतरों को देखते हुए और यूरोपीय संघ के सदस्य साइप्रस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पेन और इटली ने अपने शक्तिशाली युद्धपोत पूर्वी भूमध्य सागर में भेज दिए हैं। यह पूरा मिशन फ्रांस के विशाल परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल (Charles de Gaulle) के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर हाल ही में हुए ईरानी ड्रोन हमलों के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी ‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ को उत्तरी यूरोप के अभ्यास से हटाकर सीधे युद्ध क्षेत्र के करीब तैनात कर दिया है। स्पेन का सबसे उन्नत फ्रिगेट क्रिस्टोबल कोलन (F-105) और इटली का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट फेडेरिको मार्टिनेन्गो इस सुरक्षा घेरे का हिस्सा बन चुके हैं। नीदरलैंड और ग्रीस ने भी अपने जहाज भेजकर इस गठबंधन को और मजबूत किया है।
इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य न केवल हवाई रक्षा है, बल्कि लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इजरायल से मात्र 240 किमी दूर स्थित साइप्रस की सुरक्षा अब यूरोप के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। ब्रिटेन ने भी अपने विध्वंसक HMS Dragon और एंटी-ड्रोन हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। मैक्रों ने स्पष्ट किया है कि यह एक रक्षात्मक मिशन है, लेकिन यदि ईरान या उसके समर्थकों ने हमला तेज किया, तो यह गठबंधन आक्रामक कार्रवाई और बचाव अभियानों के लिए भी तैयार है।