रसोई गैस का महासंकट! ऑनलाइन बुकिंग फेल, ऑफिसों के बाहर लंबी कतारें—आखिर क्या करेंगे लोग?

पश्चिम एशिया के युद्ध का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई पर दिखने लगा है। कोलकाता से लेकर सिलीगुड़ी तक, पूरे बंगाल में रसोई गैस (एलपीजी) के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल काम नहीं कर रहे हैं और ऐप पर लगातार भ्रामक जानकारी मिल रही है। इस अराजकता के बीच, लोग सुबह-सुबह गैस एजेंसियों के दफ्तरों के बाहर मीलों लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं, लेकिन वहां भी निराशा ही हाथ लग रही है।

कोचबिहार के माथाभांगा में स्थिति तब बेकाबू हो गई जब ग्राहकों ने इंडियन गैस डिस्ट्रीब्यूटर के ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि १०-१२ दिन पहले बुकिंग करने के बावजूद उन्हें अब तक सिलेंडर नहीं मिला है। हालात संभालने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। यही स्थिति सिलीगुड़ी, रानाघाट, जलपाईगुड़ी, चिनसुराह और बर्धमान जैसे जिलों में भी देखी जा रही है। डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि लोगों के बीच ‘पैनिक बुकिंग’ यानी डर के कारण पहले से स्टॉक करने की होड़ मची है, जिससे सप्लाई चेन पर भारी दबाव पड़ रहा है।

कोलकाता के सर्वे पार्क में लाइन में लगे एक बुजुर्ग ग्राहक ने बताया, “मैं सुबह ७:३० बजे से यहां खड़ा हूं। ऑनलाइन ४ दिनों से कोशिश कर रहा हूं, लेकिन बुकिंग नहीं हो रही। ऑफिस वाले भी कह रहे हैं कि अभी बुकिंग नहीं ली जाएगी। ऐसे में घर का चूल्हा कैसे जलेगा?” यह संकट केवल बंगाल तक सीमित नहीं है; नवी मुंबई से लेकर वाराणसी तक देश के हर कोने से रसोई गैस की किल्लत की खबरें आ रही हैं, जिससे आम जनता के बीच भारी चिंता व्याप्त है।

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