कालाबाजारी पर पुलिस की नजर! रसोई गैस किल्लत दूर करने के लिए बंगाल में लागू होगा ‘कोविड मॉडल’

पश्चिम बंगाल में एलपीजी (LPG) के गहराते संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय गैस की वास्तविक कमी से ज्यादा ‘पैनिक’ (डर) का माहौल है, जिसे ठीक करना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि गैस की सप्लाई चेन को दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों में घबराहट कम हो। कल शाम ४:३० बजे वे सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ वर्चुअल बैठक करेंगी।
ममता बनर्जी ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “पुलिस को निगरानी रखने के लिए कहा गया है। अगर कोई गैस होल्ड करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।” उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह कोविड के समय तालमेल बिठाकर काम किया गया था, उसी तरह गैस संकट के लिए भी एक एसओपी (SOP) बनाई जाएगी। केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत गैस आयात पर निर्भर है, ऐसे में केंद्र को विकल्प तलाशने चाहिए और केरोसिन पर सब्सिडी बहाल कर उसे सुलभ बनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में गैस का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गैस वितरकों के साथ नोडल अधिकारी नियुक्त करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वितरण केंद्र खोलने की बात भी कही।