बहरामपुर में लौटे ‘रॉबिनहुड’! क्या विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अधीर रंजन चौधरी? पुरानी हवेली में हलचल तेज

पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के यूसुफ पठान के हाथों मिली अप्रत्याशित हार के बाद से पर्दे के पीछे चले गए अधीर रंजन चौधरी ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया है। बुधवार को बहरामपुर के गोराबाजार स्थित अपने पुराने आवास और कार्यालय में उनकी वापसी ने बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक समय बहरामपुर के ‘रॉबिनहुड’ कहे जाने वाले अधीर को फिर से एक्टिव मोड में देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में खुद उम्मीदवार बन सकते हैं।

सांसद रहने के दौरान गोराबाजार का यही घर अधीर रंजन चौधरी की राजनीति का केंद्र हुआ करता था। हार के बाद यह घर सूना पड़ा था, लेकिन बुधवार को वहां फिर से समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। अधीर ने वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने के लिए चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने हंसकर बात टाल दी। उन्होंने कहा, “चुनाव लड़ना है या नहीं, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। हमारी कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर लड़ेगी, व्यक्तिगत निर्णय हाईकमान करेगा।”

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद गंवाने के बाद अधीर के पास अपना राजनीतिक वर्चस्व साबित करने का यह आखिरी मौका है। चूंकि कांग्रेस ने इस बार बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है, इसलिए पार्टी को एक बड़े चेहरे की जरूरत है। बहरामपुर विधानसभा सीट से अधीर का उतरना न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरेगा, बल्कि तृणमूल के लिए भी कड़ी चुनौती पेश करेगा। अब देखना यह है कि कांग्रेस आलाकमान अपने इस सबसे पुराने सिपाही को चुनावी रण में उतारता है या नहीं।

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