गंगा एक्सप्रेसवे का शंखनाद! मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ ६ घंटे में, यूपी में आएगी विकास की बाढ़!

उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई ऊंचाई देने के लिए ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पूरी तरह तैयार है। ५९४ किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ेगा, जिससे ११ घंटे का सफर घटकर मात्र ६ घंटे रह जाएगा। ३६,००० करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड बीओटी (BOT) मॉडल वाला सड़क प्रोजेक्ट है। अडानी एंटरप्राइजेज ने इस प्रोजेक्ट का लगभग ८०% (४६४ किमी) हिस्सा रिकॉर्ड ३ साल ३ महीने में पूरा किया है।
यह एक्सप्रेसवे १२ जिलों और ५१९ गांवों से होकर गुजरता है, जिससे करीब ८ करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे ६ लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य में ८ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। सड़क की मजबूती के लिए ‘पॉलिमर मॉडिफाइड बिटुमेन’ का प्रयोग किया गया है और इसे बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए जमीन से ६ मीटर ऊंचा उठाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे रूट पर सीसीटीवी और ट्रमा सेंटर की सुविधा होगी।
अडानी समूह का लक्ष्य इस हाईवे के जरिए भारत के लॉजिस्टिक्स खर्च को कम करना है। हाईवे के किनारे ११ औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) विकसित किए जाएंगे, जो लाखों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलेंगे। साथ ही, यह मार्ग गढ़मुक्तेश्वर और प्रयागराज के त्रिवेणी संगम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़कर पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। करीब ९ लाख पौधे लगाकर इस एक्सप्रेसवे को पर्यावरण अनुकूल भी बनाया गया है।