LPG सिलेंडर चलेगा अब दोगुने समय तक! इंडियन ऑयल ने बताया गैस बचाने का जादुई तरीका

मिडल ईस्ट में जारी युद्ध की आहट अब भारतीय रसोई तक पहुंच चुकी है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी (LPG) की मांग तेजी से बढ़ी है। हालांकि केंद्र सरकार ने आपूर्ति को लेकर आश्वासन दिया है, लेकिन आम जनता के बीच गैस की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता साफ देखी जा रही है। ऐसी स्थिति में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए गैस की बचत करना अनिवार्य हो गया है। इसी बीच देश की दिग्गज सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने उपभोक्ताओं के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है।
इंडियन ऑयल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए जनता को जागरूक करते हुए बताया है कि कैसे स्मार्ट कुकिंग के जरिए गैस सिलेंडर की उम्र बढ़ाई जा सकती है।
प्रेशर कुकर का सही इस्तेमाल है सबसे बड़ा हथियार IOCL के मुताबिक, गैस बचाने का सबसे कारगर तरीका प्रेशर कुकर का सही उपयोग है। कंपनी ने सुझाव दिया है कि खाना पकाते समय ‘सेपरेटर’ का उपयोग करें। इससे आप एक ही समय में दाल, चावल और सब्जियां पका सकते हैं। यह न केवल समय की बचत करता है, बल्कि गैस की खपत को भी काफी हद तक कम कर देता है। कंपनी का कहना है कि अपनी रसोई को ‘एनेर्जी स्मार्ट’ बनाने के लिए आधुनिक तरीकों को अपनाना जरूरी है।
गैस बचाने के लिए अन्य महत्वपूर्ण सुझाव:
- दाल-चावल को भिगोकर रखें: खाना बनाने से पहले दाल और चावल को पर्याप्त समय के लिए पानी में भिगो दें। इससे वे जल्दी पकते हैं और गैस की बचत होती है।
- बर्तन ढककर पकाएं: हमेशा ढक्कन लगाकर खाना बनाएं। भाप अंदर रहने से खाना जल्दी पकता है और ऊर्जा का नुकसान नहीं होता।
- बर्नर की सफाई: अगर गैस की लौ (Flame) पीली दिख रही है, तो समझ लीजिए कि गैस बर्बाद हो रही है। बर्नर को नियमित रूप से साफ रखें ताकि नीली और तेज लौ मिले।
- आंच का संतुलन: बर्तन गर्म होने के बाद गैस की आंच धीमी कर दें। बहुत तेज आंच पर खाना बनाने से पोषक तत्व भी कम होते हैं और गैस भी ज्यादा खर्च होती है।
- पानी की सही मात्रा: जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें, क्योंकि फालतू पानी को सुखाने में अतिरिक्त गैस जलती है।
वर्तमान वैश्विक संकट को देखते हुए, इंडियन ऑयल की यह सलाह उपभोक्ताओं के लिए काफी राहत भरी साबित हो सकती है। सावधानी और समझदारी से किया गया गैस का उपयोग न केवल आपकी जेब बचाएगा, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित किल्लत से भी सुरक्षित रखेगा।