LPG संकट पर ममता का मास्टरस्ट्रोक! केंद्र की विफलता पर तृणमूल का बड़ा हमला!

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देश में रसोई गैस (LPG) की भारी कमी और बढ़ती कीमतों ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘योजना की कमी’ करार दिया है। पार्टी प्रवक्ता तन्मय घोष ने इस स्थिति की तुलना ‘नोटबंदी’ और ‘लॉकडाउन’ के समय की अराजकता से की है।
केंद्र पर अनदेखी का आरोप: मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल तो गए, लेकिन उन्होंने देश में गैस का स्टॉक बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। आज सिलिंडर बुक करने के लिए 25 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है और कीमतें 1000 रुपये के पार चली गई हैं। टीएमसी का दावा है कि पुणे जैसे शहरों में गैस की कमी के कारण श्मशान घाटों का काम तक प्रभावित हो रहा है।
ममता बनर्जी का सुरक्षा कवच: संकट के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- हल्दिया, कल्याणी और दुर्गापुर रिफाइनरी से गैस तब तक बाहर नहीं भेजी जाएगी जब तक बंगाल की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
- स्कूलों में मिड-डे मील और ICDS की रसोई किसी भी हाल में बंद नहीं होनी चाहिए।
टीएमसी ने 14 मार्च को मोदी के ब्रिगेड कार्यक्रम पर भी निशाना साधा, जिसे वे चुनाव से पहले का ‘स्टंट’ बता रहे हैं।