दूध में मिलावट पर नकेल! FSSAI ने उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए अनिवार्य किया लाइसेंस

देश में दूध की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) ने एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। अब से दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए खाद्य व्यवसाय शुरू करने या उसे जारी रखने के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण या लाइसेंस लेना होगा। FSSAI ने पाया है कि कई विक्रेता बिना किसी कानूनी अनुमति के व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे गुणवत्ता से समझौता होने की आशंका बनी रहती है।
नए नियमों के अनुसार, डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को छोड़कर बाकी सभी स्वतंत्र उत्पादकों और खुदरा दूध विक्रेताओं को इस दायरे में लाया गया है। इसके अलावा, राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे दूध को ठंडा रखने वाले यंत्रों (Chillers) की नियमित जांच करें ताकि दूध खराब न हो। मिलावट रोकने के लिए हर महीने दो बार विशेष अभियान चलाकर रिपोर्ट जमा करने का भी आदेश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।