गैस संकट पर ममता सरकार का बड़ा एक्शन! नबान्न में खुला २४ घंटे का कंट्रोल रूम, कालाबाजारी पर लगेगा लगाम

पश्चिम बंगाल में गहराते रसोई गैस संकट और कालाबाजारी को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। गैस आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए सरकार ने एक विस्तृत ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) जारी किया है। इसके साथ ही, सचिवालय ‘नबान्न’ में एक २४ घंटे का ‘स्टेट एलपीजी कंट्रोल रूम’ स्थापित किया गया है, जो राज्य भर में गैस के स्टॉक, सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन पर कड़ी नजर रखेगा।
नई नियमावली के तहत, अस्पतालों, स्कूलों (मिड-डे मील), आंगनवाड़ी केंद्रों और घरेलू उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो व्यावसायिक एलपीजी (Commercial LPG) की आपूर्ति को सीमित कर घरेलू जरूरतों को पहले पूरा किया जाएगा। गैस सिलेंडरों के तेजी से परिवहन के लिए अतिरिक्त डिलीवरी वाहनों को तैनात करने और जरूरत पड़ने पर पुलिस सुरक्षा में ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिए सप्लाई पहुंचाने का सख्त आदेश दिया गया है।
मुख्य सचिव के नेतृत्व में बनी उच्च स्तरीय समिति हर जिले की स्थिति की समीक्षा करेगी। इसके लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड भी बनाया जा रहा है ताकि रियल-टाइम डेटा मिल सके। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले वितरकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां वे गैस आपूर्ति से जुड़ी कोई भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इन कड़े कदमों से पैनिक बुकिंग और कृत्रिम किल्लत पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा।