संसद में मचेगा घमासान: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाएगा ‘इंडिया’ गठबंधन, गंभीर आरोपों की लिस्ट तैयार

भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (Impeachment) लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में चल रही मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं और पक्षपात के आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों ने मोर्चा खोल दिया है। पीटीआई के अनुसार, अब तक २५६ विपक्षी सांसदों ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिनमें लोकसभा के १९३ और राज्यसभा के ६३ सदस्य शामिल हैं।
इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों और आम आदमी पार्टी ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद ३२४ के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार का रवैया पूरी तरह से भेदभावपूर्ण है और वह एक खास राजनीतिक दल (बीजेपी) को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों मतदाताओं के अधिकार छीन रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि इस विवादित SIR प्रक्रिया के कारण कई लोगों की जान भी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कुल सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें चुनावी धोखाधड़ी की जांच में बाधा डालना और जानबूझकर पद का दुरुपयोग करना शामिल है। नियमानुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल उसी प्रक्रिया से हटाया जा सकता है जिससे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। प्रस्ताव पेश करने के लिए लोकसभा में कम से कम १०० और राज्यसभा में ५० सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जिसे विपक्ष ने आसानी से हासिल कर लिया है। १३ मार्च को यह नोटिस आधिकारिक तौर पर सौंपा जाएगा, जिससे देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आना तय है।