एलपीजी संकट पर सरकार की बड़ी सफाई: ‘अफवाहों पर न जाएं, देश में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद’
पश्चिम एशिया में युद्ध की खबरों के बीच भारत में रसोई गैस की कमी को लेकर मचे शोर पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पूर्ण विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि देश में ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डर के मारे अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि इससे बाजार में अनावश्यक दबाव पैदा हो रहा है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर है और वर्तमान में सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 5 मार्च से घरेलू एलपीजी के उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है ताकि मांग को पूरा किया जा सके। आंकड़ों के अनुसार, युद्ध से पहले रोजाना लगभग 55.7 लाख बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है, जिससे साफ है कि लोग डर के कारण जरूरत से ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के 25,000 वितरकों में से कहीं भी स्टॉक खत्म (Dry-out) होने की खबर नहीं है। सुजाता शर्मा ने कहा, “ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए पैनिक बुकिंग न करें।” इसके साथ ही, पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और सीएनजी की सप्लाई भी बिना किसी बाधा के जारी रहेगी। राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आवंटित करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की कोई कमी न हो।