F-35 और J-20 अब बीते दौर की बात! भारत ला रहा है छठी पीढ़ी का ‘सुपर स्टील्थ’ लड़ाकू विमान

रक्षा क्षेत्र में भारत एक ऐसी छलांग लगाने जा रहा है जो उसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की श्रेणी में शीर्ष पर खड़ा कर देगा। भारत अब केवल पांचवीं पीढ़ी के विमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने छठी पीढ़ी (6th Generation) के “सुपर स्टील्थ” लड़ाकू विमानों के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके साथ ही अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमान भारत के सामने पुराने पड़ जाएंगे।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत के गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट और फ्रांस की दिग्गज कंपनी ‘साफरान’ के बीच 7 बिलियन डॉलर का ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इस सौदे की खास बात यह है कि फ्रांस भारत को “सिंगल क्रिस्टल ब्लेड मैन्युफैक्चरिंग” जैसी गोपनीय तकनीक सौंपेगा। इस तकनीक पर भारत का पूर्ण ‘बौद्धिक संपदा अधिकार’ (IP Rights) होगा, जिससे भारत भविष्य में अपनी मर्जी से इन इंजनों का निर्माण और निर्यात कर सकेगा।

भारत का लक्ष्य 2028 तक 120kN इंजन का परीक्षण करना और 2035 तक बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करना है। यही इंजन भविष्य में AMCA Mk-II और नौसेना के TEDBF विमानों को शक्ति प्रदान करेगा। लेकिन असली रोमांच 140kN इंजन को लेकर है, जो भारत के 35 टन वजनी भविष्य के ‘सुपर-वॉरियर’ को आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह कदम भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक ‘सुपरपावर’ के रूप में स्थापित करेगा।

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