द्रौपदी मुर्मू और तृणमूल के बीच बढ़ी तल्खी! दो बार ठुकराई अर्जी, अब तीसरी चिट्ठी की तैयारी

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रपति भवन के बीच इन दिनों ‘अपॉइंटमेंट वॉर’ छिड़ा हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए तृणमूल सांसदों ने एक के बाद एक दो पत्र भेजे, लेकिन राष्ट्रपति भवन ने फिलहाल समय देने से इनकार कर दिया है। अब खबर है कि तृणमूल कांग्रेस अगले हफ्ते तीसरा पत्र भेजकर अपनी बात रखने की कोशिश करेगी।

विवाद की असली वजह: पिछले शनिवार को सिलीगुड़ी में एक आदिवासी सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से राज्य सरकार पर नाराजगी जाहिर की थी। दरअसल, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने उनके कार्यक्रम का स्थान बदल दिया था। इस पर राष्ट्रपति ने कहा था, “शायद मेरी छोटी बहन (ममता बनर्जी) मुझसे नाराज हैं, इसलिए उन्होंने मुझे यहां सभा करने की अनुमति नहीं दी।” इस बयान के बाद बीजेपी ने ममता सरकार पर आदिवासी राष्ट्रपति के अपमान का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया था।

TMC की सफाई और कोशिश: इस विवाद को शांत करने के लिए तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि उनके सांसद राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें बंगाल में आदिवासियों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ सौंपें। सूत्रों के अनुसार, पहले आवेदन को राष्ट्रपति भवन ने गुरुवार को खारिज कर दिया। दूसरी बार १२-१५ सांसदों की सूची के साथ फिर समय मांगा गया, लेकिन उस पर भी अभी तक ‘वेटिंग’ का बोर्ड लगा है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के बाद राष्ट्रपति भवन ने तृणमूल को समय देने में सख्ती दिखाई है। अब TMC अपने तीसरे पत्र के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की योजना बना रही है, ताकि आदिवासियों के बीच उनकी छवि खराब न हो।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *