नोटबंदी जैसे हालात! गैस की लाइन में खड़े-खड़े दम तोड़ गया बुजुर्ग, देश में मचा हड़कंप!

देश में एक बार फिर नोटबंदी जैसा मंजर देखने को मिल रहा है, जहां लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। पंजाब के बरनाला जिले के शहना शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ रसोई गैस (LPG) की किल्लत के बीच सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े ६६ वर्षीय भूषण कुमार मित्तल की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
यह संकट पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न हुआ है। २७ फरवरी से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे पूरे देश में गैस सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है। मृतक के परिजनों के अनुसार, भूषण कुमार सुबह ५ बजे ही गैस एजेंसी पहुंच गए थे ताकि उन्हें सिलेंडर मिल सके। घंटों इंतजार और बढ़ती घबराहट के बीच अचानक उनके सीने में दर्द हुआ और वे जमीन पर गिर पड़े। मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक के भतीजे रॉबिन मित्तल ने सरकार और प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक किसी ने भी पीड़ित परिवार से संपर्क नहीं किया है। बिना पोस्टमार्टम के ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस की कमी और लंबी लाइनों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। यह घटना दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध का खामियाजा किस तरह एक आम आदमी को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।