ट्रंप को बिछाए जाल में फंसाया? ईरान युद्ध के पीछे नेतन्याहू का ‘खतरनाक गेम’ बेनकाब!

मध्य पूर्व में जारी ईरान-इज़राइल युद्ध के 16वें दिन एक कड़वा सच सामने आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का दावा है कि इस पूरे युद्ध की पटकथा इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लिखी है। उनका एकमात्र लक्ष्य केवल युद्ध जीतना नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक सत्ता को सुरक्षित करना है। इसके लिए उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी इस युद्ध में धकेल दिया है।
ट्रंप के लिए बुना गया कूटनीतिक जाल पिछले कई दशकों से नेतन्याहू का सपना ईरान को सैन्य रूप से तबाह करना रहा है। उन्होंने ट्रंप को भरोसा दिलाया था कि ईरान को झुकाना आसान होगा, लेकिन अब अमेरिका में इस युद्ध के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होते ही नेतन्याहू की जीत हो गई थी। अगर ईरान झुकता है, तो नेतन्याहू अपनी कूटनीति का लोहा मनवाएंगे और अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो वे इसे इज़राइल के अस्तित्व की लड़ाई बताकर जनता का समर्थन हासिल करेंगे।
घरेलू संकट और युद्ध का कनेक्शन युद्ध से पहले नेतन्याहू की हालत बेहद नाजुक थी। उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर मामले चल रहे थे और इज़राइल की सड़कों पर उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। मोसाद और सेना पर जनता का भरोसा कम हो गया था। ऐसे में खुद को ‘विलेन से हीरो’ बनाने के लिए उन्होंने ईरान का कार्ड खेला। आज इज़राइल में उनके फैसले का विरोध करने वाला कोई नहीं बचा है। हालांकि, अमेरिका में भी अब इज़राइल के प्रति रुख बदल रहा है। सर्वे के मुताबिक, 17% रिपब्लिकन भी अब मान रहे हैं कि अमेरिका इज़राइल का जरूरत से ज्यादा साथ दे रहा है। क्या नेतन्याहू की यह निजी जीत इज़राइल को वैश्विक स्तर पर अकेला कर देगी? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।