मालदा का 158 साल पुराना नरक होगा साफ! इंग्लिशबाजार नगरपालिका ने शुरू किया मेगा वेस्ट प्रोजेक्ट

मालदा शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। 158 साल पुरानी इंग्लिशबाजार नगरपालिका ने शनिवार से आधिकारिक तौर पर ‘वेस्ट प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट’ (अपशिष्ट प्रसंस्करण परियोजना) शुरू कर दी है। नगरपालिका के अध्यक्ष कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने तीन इकाइयों का उद्घाटन किया। दिल्ली की एक विशेषज्ञ एजेंसी को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है, जो अब आधुनिक मशीनों के जरिए शहर के कचरे का निपटारा करेगी।
प्रोजेक्ट की खासियत: इस परियोजना के तहत मालदा शहर, कंचनटार और बहादुरपुर में तीन प्लांट लगाए गए हैं। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, ये प्लांट रोजाना 16 से 20 घंटे काम करेंगे और हर दिन लगभग 1000 टन कचरे को प्रोसेस करेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस प्रक्रिया के दौरान कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा, जिससे एक तरफ जैविक खाद (Organic Fertilizer) निकलेगी, तो दूसरी तरफ प्लास्टिक और रिसाइकिल होने योग्य पाउडर प्राप्त होगा।
बरसों पुरानी समस्या का अंत: इंग्लिशबाजार नगरपालिका में लंबे समय से स्थायी डंपिंग ग्राउंड नहीं होने के कारण कचरा सड़कों और सरकारी दफ्तरों के पीछे फेंका जाता था। मानसून के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती थी। नगरपालिका अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विजन के अनुसार शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही महानंदा नदी में गिरने वाले गंदे पानी को ट्रीट करने का काम भी शुरू हो गया है, जिसका उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा सकेगा। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस बार मानसून में उन्हें दुर्गंध और जलजमाव से मुक्ति मिलेगी।