चुनाव की घोषणा के साथ ही ममता बनर्जी की शक्तियां हुईं कम! अब नहीं कर पाएंगी ये 3 बड़े काम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) प्रभावी हो गई है। इसका सीधा असर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रशासनिक शक्तियों पर पड़ा है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, अब मुख्यमंत्री अपनी मर्जी से वे काम नहीं कर सकेंगी जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हों।

ये हैं वो 3 प्रमुख काम जो मुख्यमंत्री अब नहीं कर पाएंगी:

१. नई योजनाओं का एलान: मुख्यमंत्री अब किसी भी नई सरकारी योजना या जन-कल्याणकारी स्कीम की घोषणा नहीं कर सकतीं। किसी भी तरह का नया वादा करना अब आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।

२. शिलान्यास और उद्घाटन: किसी भी नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास या उद्घाटन अब प्रतिबंधित है। हालांकि, जो काम पहले से चल रहे हैं, वे जारी रहेंगे, लेकिन उनका इस्तेमाल चुनावी प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

३. अधिकारियों का तबादला या नियुक्ति: चुनाव आयोग की अनुमति के बिना मुख्यमंत्री किसी भी आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) या सरकारी कर्मचारी का तबादला नहीं कर सकतीं। नियुक्तियों और पदोन्नति पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

अब से 4 मई को चुनाव परिणाम आने तक राज्य की पूरी मशीनरी चुनाव आयोग की निगरानी में काम करेगी। सरकारी संसाधनों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करना अब ममता सरकार के लिए संभव नहीं होगा।

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