बेलडांगा हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को बड़ा झटका, NIA के पास ही रहेगी जांच की कमान

पश्चिम बंगाल के बेलडांगा में हुई हिंसा की जांच को लेकर राज्य सरकार को देश की सर्वोच्च अदालत से करारा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोलकाता हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें केस डायरी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का निर्देश दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह तर्कसंगत है और इसमें किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं है।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा, “यदि राज्य पुलिस केस डायरी नहीं सौंपती है, तो NIA निष्पक्ष जांच कैसे सुनिश्चित कर पाएगी?” राज्य की ओर से पेश वकील कल्याण बनर्जी ने मामले में जल्द सुनवाई और रोक लगाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामला तय समय पर हाईकोर्ट में ही सुना जाएगा, लेकिन जांच पर कोई रोक नहीं लगेगी।

बेलडांगा में एक प्रवासी श्रमिक की मौत के बाद भड़की हिंसा में अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। NIA ने शुरुआत से ही आरोप लगाया था कि राज्य पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रही है और यहां तक कि सुरक्षा एस्कॉर्ट देने में भी आनाकानी की गई। शुभेंदु अधिकारी की याचिका पर हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी को सौंपा था। NIA को अंदेशा है कि यह हिंसा महज स्थानीय नहीं थी, बल्कि इसे डिजिटल उकसावे के जरिए योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था।

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