हॉर्मुज संकट: अमेरिका के गुट में शामिल नहीं होगा भारत, ईरान से सीधे संवाद के जरिए सुलझाया रास्ता

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी अमेरिकी सैन्य गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा। सोमवार को विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए वाशिंगटन के साथ किसी द्विपक्षीय चर्चा में शामिल नहीं हुआ है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन जैसे देशों से अपनी नौसेना तैनात करने की अपील की थी, लेकिन दिल्ली ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहने का फैसला किया है।

भारत ने अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय सीधे ईरान के नेतृत्व से बात की है। पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हस्तक्षेप के बाद भारतीय एलपीजी जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ बिना किसी बाधा के हॉर्मुज पार कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, ईरान के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक और भरोसेमंद हैं। भारत का मानना है कि इस क्षेत्र में शांति केवल कूटनीति और संयम से ही संभव है, युद्ध से नहीं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *