मुख्य चुनाव आयुक्त को ममता बनर्जी की दो टूक! शीर्ष अधिकारियों के तबादले पर जताया कड़ा विरोध

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है। सोमवार रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक कड़ा पत्र लिखकर राज्य के शीर्ष नौकरशाहों के अचानक और एकतरफा तबादले पर गहरी चिंता और आश्चर्य व्यक्त किया है। आयोग ने चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना और डीजीपी पीयूष पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाने का आदेश दिया था।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में तर्क दिया कि बिना किसी ठोस कारण, कर्तव्य में लापरवाही या आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के इतने बड़े पैमाने पर तबादले करना प्रशासनिक ढांचे को अस्थिर करने जैसा है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से आयोग राज्य सरकार के साथ परामर्श के बाद ही ऐसे निर्णय लेता रहा है। आमतौर पर आयोग तीन अधिकारियों का पैनल मांगता था, लेकिन इस बार लोकतांत्रिक परंपराओं को ताक पर रखकर कार्रवाई की गई।

ममता बनर्जी ने आयोग से भविष्य में इस तरह के एकतरफा कदमों से बचने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई चुनाव आयोग की छवि और निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में शीर्ष अधिकारियों के तबादले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद पैदा कर दिया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *