“गंजा बेल के पेड़ के नीचे बार-बार नहीं जाता!” नंदीग्राम और ममता पर दिलीप घोष का करारा हमला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने खड़गपुर में मोर्चा संभाल लिया है। बुधवार सुबह से ही वह जनसंपर्क में जुटे हैं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए प्रचार सिर्फ एक औपचारिकता है, क्योंकि वह साल के 365 दिन जनता के बीच रहते हैं। खड़गपुर की धरती से उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सूची पर तीखे बाण छोड़े।

खड़गपुर का गणित और प्रतिद्वंद्वी पर हमला: दिलीप घोष ने अपनी जीत का आत्मविश्वास जताते हुए कहा, “मेरा स्कोर 2-0 है। मैंने दो बार चुनाव लड़ा और दोनों बार जीता। मेरे प्रतिद्वंद्वी एक बार हारे और एक बार जीते हैं। खड़गपुर में हमारी लड़ाई किसी उम्मीदवार से नहीं बल्कि पार्टी से है। इस बार हमारा लक्ष्य जीत के अंतर को 1 लाख तक ले जाना है।” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आना केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा।

नंदीग्राम और ‘उधार’ के उम्मीदवार: नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ TMC द्वारा पवित्र कर को उम्मीदवार बनाए जाने पर दिलीप ने चुटकी लेते हुए कहा, “TMC के पास नंदीग्राम के लिए अपना कोई योग्य उम्मीदवार नहीं बचा है। ममता बनर्जी अब वहां जाने की हिम्मत नहीं करेंगी, क्योंकि कहावत है कि ‘गंजा बेल के पेड़ के नीचे बार-बार नहीं जाता’। इसीलिए उन्हें हमसे उम्मीदवार उधार लेकर लड़ना पड़ रहा है। सच तो यह है कि हमने मुख्यमंत्री को खदेड़कर भवानीपुर तक पहुँचा दिया है।”

भ्रष्टाचार और 74 विधायकों की छुट्टी: TMC की सूची से 74 मौजूदा विधायकों को हटाए जाने पर दिलीप घोष ने कहा, “तृणमूल में ऐसे नेता को ढूंढना मुश्किल है जो दागी न हो। अगर चोरों को चुनने बैठेंगे तो पूरा गांव ही खाली हो जाएगा। ममता जी अब उस स्थिति में नहीं हैं कि कह सकें कि 294 सीटों पर वही उम्मीदवार हैं। उनकी पार्टी अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी है।” उन्होंने कहा कि राज्य की जनता बदलाव के लिए तैयार है।

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